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रुद्राक्ष का पूरा सच — 1 से 21 मुखी, Myths Busted, और सही तरीके से धारण करने की विधि

July 2025 · 12 min read

ॐ नमः शिवाय 🔱

रुद्राक्ष — यह नाम सुनते ही मन में भगवान शिव की छवि आ जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रुद्राक्ष को लेकर हमारे समाज में जितनी भ्रांतियां हैं, उतनी शायद किसी और चीज़ को लेकर नहीं हैं?

इस पूरे guide में हम बात करेंगे —


रुद्राक्ष क्या है? — The Divine Origin

रुद्र + अक्ष — यानी भगवान शिव की आँख।

रुद्राक्ष भगवान शिव के नेत्रों से प्राप्त हुआ है। इसकी सबसे प्रसिद्ध कथा यह है कि त्रिपुरासुर नामक राक्षस को मारने के लिए भगवान शिव हजारों साल तक खुली आंखों से तपस्या करते रहे। जब उन्होंने आंखें बंद कीं, तो उनसे करुणा की अश्रुधारा बही जो अलग-अलग regions में गिरी — हिमालय से लेकर विभिन्न देशों तक — और उससे रुद्राक्ष के वृक्ष उत्पन्न हुए।

रुद्राक्ष इस दुनिया का नहीं है।

जैसे कोई comet धरती पर गिरता है और नए minerals और flora-fauna को जन्म देता है — रुद्राक्ष भी कुछ ऐसा ही है। इसीलिए यह एकमात्र ऐसा वृक्ष है जिस पर एक ही पेड़ से अलग-अलग मुखी के फल निकलते हैं। कहीं पांच मुखी, कहीं सात मुखी, कहीं 21 मुखी — यह और कहीं नहीं होता।

18 के 18 पुराणों में — शिव पुराण, देवी भागवतम — सभी में रुद्राक्ष की विशेषता बताई गई है। यहाँ तक लिखा है कि अगर पशु भी रुद्राक्ष पहने तो वो शिवलोक जाता है।


मुखी क्या होता है?

रुद्राक्ष के हर बीड पर कुछ lines होती हैं जिन्हें मुख कहते हैं। इन lines की संख्या ही तय करती है कि यह कितने मुखी का रुद्राक्ष है।


कौन सा रुद्राक्ष आपके लिए? — 3 Methods

रुद्राक्ष चुनने के तीन तरीके हैं:

Method 1 — राशि अनुसार (Rashi Based)

अपनी Moon Sign के अनुसार रुद्राक्ष पहनें। हर राशि के लिए specific recommendations होती हैं।

Method 2 — समस्या अनुसार (Problem Based)

जो specific problem है — health, relationship, career, mental peace — उसके अनुसार रुद्राक्ष चुनें।

Method 3 — ज्योतिष अनुसार (Astrological Method) ⭐ Most Powerful

यह सबसे accurate तरीका है। इसमें दो रुद्राक्ष निकलते हैं:

  1. 11वें घर के मालिक जिस नक्षत्र में बैठे हैं, उस नक्षत्र का ruling planet जो है — उसका रुद्राक्ष पहनें।
  2. आपका जन्म नक्षत्र जिसका ruling planet है — उसका रुद्राक्ष पहनें। उदाहरण: अगर आप अश्विनी नक्षत्र में पैदा हुए हैं तो केतु ruling planet है — तो 9 मुखी रुद्राक्ष आपके लिए।

कुछ लोगों के लिए दोनों रुद्राक्ष same भी निकल सकते हैं — यह rare है लेकिन possible है।

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1 से 21 मुखी — हर रुद्राक्ष का रहस्य

🔱 1 मुखी — भगवान शिव का साक्षात स्वरूप

Ruling Planet: सूर्य | Deity: शिव स्वरूप

नेपाली 1 मुखी रुद्राक्ष मिलना लगभग impossible हो चुका है। इसका सबसे popular substitute है काजू शेल रुद्राक्ष (Rameshwaram)।

Benefits:


🔱 2 मुखी — अर्धनारेश्वर स्वरूप

Ruling Planet: चंद्रमा | Deity: अर्धनारेश्वर (Shiva + Parvati)

Benefits:


🔱 3 मुखी — अग्नि स्वरूप

Ruling Planet: मंगल | Deity: अग्नि देव

Benefits:


🔱 4 मुखी — ब्रह्मा का आशीर्वाद

Ruling Planet: बुध | Deity: ब्रह्मा देव

Benefits:


🔱 5 मुखी — सबके लिए, सबसे common

Ruling Planet: गुरु (Jupiter) | Deity: शिव कालाग्नि

सबसे ज्यादा मिलने वाला और सबसे ज्यादा पहना जाने वाला रुद्राक्ष।

Benefits:


🔱 6 मुखी — कार्तिकेय का वरदान

Ruling Planet: शुक्र (Venus) | Deity: कार्तिकेय

Benefits:


🔱 7 मुखी — महालक्ष्मी का आशीर्वाद

Ruling Planet: शनि (Saturn) | Deity: महालक्ष्मी, सप्तऋषि

Benefits:


🔱 8 मुखी — गणेश और भैरव की शक्ति

Ruling Planet: राहु | Deity: गणेश, भैरव

Benefits:


🔱 9 मुखी — माँ दुर्गा की शक्ति

Ruling Planet: केतु | Deity: माँ दुर्गा, नव दुर्गा

Benefits:


🔱 10 मुखी — Lord Vishnu की छत्रछाया

Ruling Planet: सभी ग्रह | Deity: भगवान विष्णु

Benefits:


🔱 11 मुखी — 11 रुद्र और हनुमान

Ruling Planet: All 11 Rudras | Deity: 11 रुद्र, हनुमान

Benefits:


🔱 12 मुखी — 12 Adityas की शक्ति

Ruling Planet: सूर्य | Deity: 12 आदित्य

Benefits:


🔱 13 मुखी — इंद्र और कामदेव का वरदान

Ruling Planet: शुक्र | Deity: इंद्र, कामदेव

Rare beads में से एक।

Benefits:


🔱 14 मुखी — भगवान शिव की तीसरी आँख

Ruling Planet: शनि, मंगल | Deity: शिव की तृतीय नेत्र

Benefits:


🔱 15 मुखी — पशुपतिनाथ का वरदान

Ruling Planet: — | Deity: पशुपतिनाथ

Benefits:


🔱 16 मुखी — मृत्यु विजय रुद्राक्ष

Deity: मृत्युंजय

Benefits:


🔱 17 मुखी — विश्वकर्मा का आशीर्वाद

Deity: विश्वकर्मा

Benefits:


🔱 18 मुखी — धरती माँ की शक्ति

Deity: भूमि देवी

Benefits:


🔱 19 मुखी — Lord Vishnu की कृपा

Deity: भगवान विष्णु

Benefits:


🔱 20 मुखी — ब्रह्मा की सृजन शक्ति

Deity: ब्रह्मा देव

Benefits:


🔱 21 मुखी — Generational Wealth का रुद्राक्ष

Deity: कुबेर, विष्णु

सबसे special और सबसे महंगा।

Benefits:

Best for: Those wanting to build and preserve generational legacy and wealth


विशेष रुद्राक्ष — Special Varieties

🐘 गणेश मुखी रुद्राक्ष

जिनके decisions से कई लोगों पर असर पड़ता है — astrologers, healers, leaders — उनके लिए। Decision-making power कमज़ोर हो तो यही रुद्राक्ष है।

🔱 गौरी शंकर रुद्राक्ष

दो रुद्राक्ष naturally जुड़े होते हैं — Shiva और Parvati का मिलन। Marital life बेहतर करने के लिए और मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए।

🌸 गर्भ गौरी रुद्राक्ष

हर उस माँ के लिए जो चाहती है कि उसकी pregnancy में कोई problem न आए। गर्भ की protection करता है। एक भाग्यशाली संतान के लिए।

📿 सर्वकार सिद्धि माला

1 से 14 मुखी + गणेश मुखी + गौरी शंकर — सब एक माला में। सभी benefits एक साथ चाहिए तो यही है। पहन सकते हैं या घर में रखकर पूजा कर सकते हैं।


भ्रांतियां vs सच्चाई — Myths BUSTED

❌ Myth 1: महिलाएं रुद्राक्ष नहीं पहन सकतीं

Fact: बिल्कुल गलत। महिला, पुरुष, बच्चे, बुज़ुर्ग — हर कोई पहन सकता है। कोई restriction नहीं।

❌ Myth 2: Periods में रुद्राक्ष उतारना पड़ता है

Fact: यह मन का वहम है। 24/7 पहन सकते हैं। उतारने की कोई ज़रूरत नहीं।

❌ Myth 3: Non-veg और alcohol पीने वाले न पहनें

Fact: हमारे ही scriptures कहते हैं — अगर बुरी आदत छूट नहीं रही तो जरूर पहनो रुद्राक्ष। यह धीरे-धीरे उन आदतों को दूर करता है।

❌ Myth 4: रुद्राक्ष पहनने से रातों-रात चमत्कार होगा

Fact: कोई जादू नहीं। 1-3 महीने दीजिए। यह mental level पर काम करता है — विचार बदलता है, फिर actions बदलते हैं, फिर results आते हैं।

❌ Myth 5: सिर्फ किसी खास धागे या धातु में पहनना चाहिए

Fact: Gold, Silver, Copper, लाल धागा, काला धागा — सब सही हैं। भावना देखी जाती है, material नहीं।


रुद्राक्ष धारण विधि — How to Wear

सबसे शुभ दिन

Step-by-Step विधि

Step 1 — एक रात पहले घी में डुबोएं रुद्राक्ष को पूरी तरह शुद्ध घी में रात भर डुबोकर रखें।

Step 2 — ईशान कोण में बैठें सुबह उठकर उत्तर-पूर्व दिशा (North-East) की तरफ मुँह करके बैठें।

Step 3 — 108 बार ॐ नमः शिवाय का जाप करें रुद्राक्ष को हाथ में लेकर, थोड़े फूल और अगरबत्ती जलाकर 108 बार जाप करें।

Step 4 — हृदय तक पहनें रुद्राक्ष को इस तरह पहनें कि वो आपके दिल तक पहुँचे। Body contact सबसे ज़रूरी है।

कहाँ पहन सकते हैं?


बीज मंत्र — Seed Mantras

हर रुद्राक्ष का अपना बीज मंत्र है। ॐ नमः शिवाय के साथ-साथ आप अपने रुद्राक्ष का बीज मंत्र भी जाप कर सकते हैं।

रुद्राक्ष बीज मंत्र
1 मुखी ॐ ह्रीं नमः
2 मुखी ॐ नमः
3 मुखी ॐ क्लीं नमः
4 मुखी ॐ ह्रीं नमः
5 मुखी ॐ ह्रीं नमः
6 मुखी ॐ ह्रीं हुं नमः
7 मुखी ॐ हुं नमः
8 मुखी ॐ गं नमः
9 मुखी ॐ ह्रीं हुं नमः
10 मुखी ॐ ह्रीं नमः नमः
11 मुखी ॐ ह्रीं हुं नमः
12 मुखी ॐ क्रों क्षों रों नमः
13 मुखी ॐ ह्रीं नमः
14 मुखी ॐ नमः
गौरी शंकर ॐ गौरी शंकराय नमः
गणेश मुखी ॐ गं गणपतये नमः

रुद्राक्ष कैसे काम करता है? — The Real Mechanism

रुद्राक्ष कोई जादू नहीं करता। यह आपके विचारों को बदलता है।

जब विचार बदलते हैं तो —

यही manifestation है। यही desire fulfilment है।

रुद्राक्ष का असर धीरे-धीरे दिखता है —


अंतिम बात

रुद्राक्ष भगवान शिव का आशीर्वाद है। यह हर उस इंसान के लिए है जो —

✦ अपनी life में clarity चाहता है ✦ Relationships सुधारना चाहता है ✦ पुराने कर्मों से मुक्त होना चाहता है ✦ Wealth और prosperity की तलाश में है ✦ Spiritually grow करना चाहता है

कोई restriction नहीं। कोई caste नहीं। कोई gender नहीं।

बस श्रद्धा चाहिए — भगवान शिव के प्रति।


अपनी Kundali के अनुसार सही रुद्राक्ष जानना चाहते हैं?

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📞 +91-63766-25714 🌐 namayastrology.in

हर हर महादेव 🔱

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